भारत सरकार की एक पहल
भारतीय ज्ञान परंपरा
अक्टूबर 2020 में, भारत के शिक्षा मंत्रालय ने देश की पारंपरिक विज्ञान, दर्शन और कला प्रणालियों पर शोध, शिक्षण और संरक्षण के लिए एक विशेष प्रभाग की स्थापना की। यहाँ जानिए इसका मतलब क्या है, और यह क्यों महत्वपूर्ण है।
IKS प्रभाग क्या करता है
अंतर-विषयक शोध
गणित, चिकित्सा और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक विषयों से जोड़ने वाले शोध को बढ़ावा देना, न कि इन्हें अलग-थलग या केवल ऐतिहासिक विषयों के रूप में देखना।
शिक्षा में समावेश
इन ज्ञान परंपराओं को स्कूल और विश्वविद्यालय के मौजूदा पाठ्यक्रमों में इस तरह पिरोना कि इन्हें जीवंत, व्यावहारिक विचारों के रूप में पढ़ाया जाए, न कि केवल विशेषज्ञ या विरासत से जुड़े पाठ्यक्रमों तक सीमित रखा जाए।
शिक्षक प्रशिक्षण
शिक्षकों और शोधकर्ताओं को प्रशिक्षित और उन्मुख करना, ताकि वे अपने शिक्षण में भारतीय ज्ञान परंपरा को सटीकता और आत्मविश्वास के साथ शामिल कर सकें।
नौ प्रमुख क्षेत्र
यह पहल अपने कार्य — और अपनी सार्वजनिक प्रश्नोत्तरी शृंखला — को नौ व्यापक क्षेत्रों के इर्द-गिर्द व्यवस्थित करती है:
वास्तुकला और अभियांत्रिकी
पारंपरिक भारतीय निर्माण विज्ञान, मंदिर वास्तुकला से लेकर नगर नियोजन और संरचनात्मक तकनीकों तक।
भाषाविज्ञान और संस्कृत
संस्कृत और भारत की अन्य शास्त्रीय भाषाओं का अध्ययन, और उनका व्याकरण व साहित्य भारतीय चिंतन के बारे में क्या बताते हैं।
गणित और खगोलशास्त्र
गणित और खगोलशास्त्र में भारत का ऐतिहासिक योगदान, आरंभिक संख्या पद्धतियों से लेकर प्रेक्षण उपकरणों तक।
आयुर्वेद
भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, जो आहार, जड़ी-बूटियों और व्यक्ति की प्रकृति के इर्द-गिर्द बनी है।
शब्दों को जानें →योग और समग्र स्वास्थ्य
श्वास, मन और शरीर से जुड़े वे अनुशासन, जो भारतीय परंपरा में सदियों से विकसित हुए — योग के एक वैश्विक फिटनेस अभ्यास बनने से बहुत पहले।
शब्दों को जानें →दर्शन (जीवनदर्शन)
जीवन जीने के तरीके पर भारत की दार्शनिक परंपराएँ — नैतिकता, उद्देश्य और अच्छे जीवन की प्रकृति से जुड़े प्रश्न।
भारत को जानना
सामान्य पाठकों के लिए भारतीय इतिहास, संस्कृति और सभ्यता का एक व्यापक परिचय।
खगोलीय उपकरण (महाकाल)
समय और आकाश को मापने व देखने के लिए बने ऐतिहासिक भारतीय उपकरणों की संरचना और उपयोग।
भारतविद्या (इंडोलॉजी)
भारतीय इतिहास, भाषाओं और संस्कृति का एक स्वतंत्र शैक्षणिक अध्ययन क्षेत्र के रूप में अध्ययन।
भारतीय ज्ञान प्रश्नोत्तरी शृंखला
IKS अपनी सार्वजनिक पहुँच का काम मुख्य रूप से "भारतीय ज्ञान" प्रश्नोत्तरी शृंखला के माध्यम से करता है — यह MyGov मंच पर आयोजित विषयगत प्रश्नोत्तरियों का एक समूह है, जिसमें हर प्रमुख क्षेत्र के लिए एक अलग प्रश्नोत्तरी होती है। इन्हें इस तरह बनाया गया है कि ये विषय केवल विशेषज्ञों या छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि आम पाठकों के लिए भी सुलभ हों।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
विज़डम ऑफ इंडिया भी इसी तरह के, बस छोटे स्तर के, उद्देश्य से बना है: कर्म, धर्म, आयुर्वेद, योग जैसे व्यक्तिगत शब्दों और विचारों को स्पष्टता से और बिना किसी हठधर्मिता के समझाना। IKS संस्थागत स्तर पर, पूरे-पूरे अध्ययन क्षेत्रों में, यही काम करता है। इसके नौ प्रमुख क्षेत्रों में से दो — आयुर्वेद और योग — सीधे उन अवधारणाओं से जुड़े हैं जिन्हें इस साइट पर समझाया गया है — इन्हें नीचे दी गई शब्दावली में देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IKS (भारतीय ज्ञान परंपरा) क्या है?
IKS भारत के शिक्षा मंत्रालय का एक प्रभाग है, जिसकी स्थापना अक्टूबर 2020 में हुई थी और जो भारत की पारंपरिक विज्ञान, दर्शन और कला प्रणालियों पर शोध, शिक्षण और उनके संरक्षण के लिए समर्पित है।
IKS प्रभाग की स्थापना कब हुई थी?
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभाग की स्थापना अक्टूबर 2020 में हुई थी।
भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख क्षेत्र कौन-से हैं?
IKS अपने कार्य को नौ क्षेत्रों में व्यवस्थित करता है: वास्तुकला और अभियांत्रिकी, भाषाविज्ञान और संस्कृत, गणित और खगोलशास्त्र, आयुर्वेद, योग और समग्र स्वास्थ्य, दर्शन (जीवनदर्शन), भारत को जानना, खगोलीय उपकरण (महाकाल), और भारतविद्या (इंडोलॉजी)।
भारतीय ज्ञान प्रश्नोत्तरी शृंखला क्या है?
यह MyGov मंच पर चलने वाली सार्वजनिक प्रश्नोत्तरियों की एक शृंखला है, जिसमें हर IKS प्रमुख क्षेत्र के लिए एक प्रश्नोत्तरी होती है, ताकि भारतीय पारंपरिक ज्ञान को आम पाठकों के लिए अधिक सुलभ बनाया जा सके।
IKS पहल किस मंत्रालय के अंतर्गत आती है?
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभाग भारत के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।